सस्ते गल्ले की दुकान के चुनाव में गड़बड़ी, ग्रामीणों ने दोबारा चुनाव कराने की उठाई मांग

अम्बेडकर नगर सस्ते गल्ले की दुकान के चुनाव में गड़बड़ी, ग्रामीणों ने दोबारा चुनाव कराने की उठाई मांग
GyanData Samachar
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अंबेडकरनगर। जनपद के आलापुर तहसील अंतर्गत सरफुद्दीनपुर गांव में सस्ते गल्ले की दुकान के चुनाव में अनियमितता का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि चुनाव प्रक्रिया में पक्षपात और जातिवाद का सहारा लेकर गलत तरीके से परिणाम घोषित किया गया। इसके विरोध में ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से चुनाव निरस्त कराकर पुनः निष्पक्ष चुनाव कराने की मांग की है।

ग्रामीणों का आरोप:
ग्रामीणों का कहना है कि दिनांक 10 जनवरी 2025 को हुए चुनाव में रवीन्द्रनाथ और प्रवेश कुमार यादव के बीच मुकाबला था। गांव के अधिकांश लोग रवीन्द्रनाथ का समर्थन कर रहे थे, जबकि प्रवेश यादव के पक्ष में बहुत कम लोग थे। लेकिन, चुनाव कराने वाले अधिकारी जातिवाद का पक्ष लेते हुए प्रवेश यादव को विजयी घोषित कर दिया।

ग्रामीणों का कहना है कि मतों की सही गणना नहीं की गई और अनियमितता बरतते हुए 20 मतों को गलत तरीके से गिनते हुए परिणाम को प्रभावित किया गया। यह निर्णय गांव की जनता की भावना के खिलाफ है और इससे ग्रामीणों में रोष व्याप्त है।

पुनः चुनाव की मांग:
ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर मांग की है कि इस चुनाव को निरस्त कर दोबारा निष्पक्ष तरीके से चुनाव कराया जाए। उन्होंने कहा कि गांव में सस्ते गल्ले की दुकान का सही संचालन तभी संभव होगा, जब चुनाव पारदर्शी तरीके से होगा।

ग्रामीणों का बयान:
प्रार्थना पत्र में ग्रामीणों ने कहा, "चुनाव प्रक्रिया में पक्षपात और जातिवाद के चलते हमारे गांव की जनता के अधिकारों के साथ खिलवाड़ किया गया है। हम निवेदन करते हैं कि इस चुनाव को निरस्त कर निष्पक्ष तरीके से दोबारा चुनाव कराया जाए।"

जिलाधिकारी की प्रतिक्रिया:
मामले को लेकर जिलाधिकारी कार्यालय ने कहा है कि प्रकरण की जांच कराई जाएगी और यदि चुनाव प्रक्रिया में अनियमितता पाई गई, तो उचित कार्रवाई की जाएगी।

ग्रामीणों की चेतावनी:
गांव के लोगों ने यह भी कहा है कि यदि उनकी मांग पूरी नहीं की गई, तो वे उग्र आंदोलन करेंगे और उच्च अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाएंगे।

यह मामला जनपद में चर्चा का विषय बना हुआ है। ग्रामीण अब निष्पक्ष चुनाव और सस्ते गल्ले की दुकान के संचालन में पारदर्शिता की उम्मीद कर रहे हैं।

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