आलापुर (अंबेडकरनगर)। संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर ने पुरुषों के समान महिलाओं को अधिकार प्रदान किए, जिससे वे डीएम, एसपी, डॉक्टर, इंजीनियर, शिक्षक बनने का अवसर पा सकीं। यदि संविधान में यह प्रावधान न होता, तो महिलाओं को शिक्षित होने का अधिकार भी नहीं मिलता। शिक्षा समाज में फैले अज्ञानता के अंधकार को दूर करने का सबसे सशक्त माध्यम है। उक्त बातें समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव, पूर्व सांसद एवं आलापुर विधायक श्री त्रिभुवन दत्त ने साधु सिंह उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, बनकटा बुजुर्ग के वार्षिकोत्सव कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित करते हुए कही।
वार्षिक उत्सव का भव्य आयोजन
शनिवार को आयोजित इस वार्षिकोत्सव समारोह का शुभारंभ मुख्य अतिथि विधायक त्रिभुवन दत्त ने मां सरस्वती के चित्र पर पुष्प अर्पित कर और दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर विद्यालय के प्रबंधक प्रकाश सिंह और प्रधानाचार्य कौशलेंद्र सिंह के नेतृत्व में विद्यालय परिवार ने मुख्य अतिथि का पुष्प माला पहनाकर भव्य स्वागत किया।
छात्र-छात्राओं ने दी रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने विविध सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शानदार प्रस्तुतियां दीं, जिन्हें अतिथियों और अभिभावकों ने खूब सराहा। मुख्य अतिथि ने प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रशस्ति पत्र व पुरस्कार देकर सम्मानित किया।
मुख्य अतिथि ने दी प्रेरणादायक सीख
मुख्य अतिथि विधायक त्रिभुवन दत्त ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षित महिला दो परिवारों को संवारती है और शिक्षा ही समाज में जागरूकता और विकास का मार्ग प्रशस्त करती है। उन्होंने छात्र-छात्राओं को अनुशासन, कड़ी मेहनत और ईमानदारी के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति
इस अवसर पर विद्यालय के संरक्षक रणविजय सिंह, रमाशंकर मिश्र, सपा नेता मनोज जायसवाल, कृष्ण कुमार पांडेय, राजेंद्र प्रसाद दाढ़ी, ओंकार नाथ मिश्र, बी.के. सिंह, बच्चूलाल सोनकर, नायबे आलम, प्रमोद पांडेय, राजेश यादव, अनिल कुमार, देवमणि यादव, बाकेलाल गौतम, संजय गौतम, आनंद विश्वकर्मा, अभिषेक सिंह, पवन तिवारी, पप्पू गौतम, रामप्रकाश सहित विद्यालय के अध्यापकगण, छात्र-छात्राएं एवं अभिभावकगण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का कुशल संचालन
समारोह का कुशल संचालन प्रधानाचार्य कौशलेंद्र सिंह ने किया और अंत में विद्यालय प्रबंधन की ओर से सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया गया।
यह वार्षिक उत्सव विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक एवं उत्साहवर्धक रहा, जिसमें उन्होंने अपने हुनर को प्रदर्शित करने के साथ-साथ शिक्षा के महत्व को भी समझा।
