आलापुर (अंबेडकरनगर)। नगर पंचायत जहांगीरगंज अंतर्गत कम्हरिया गांव में मुख्य सड़क किनारे पटरियों पर झोपड़ी डालकर दोना-पत्तल बनाकर जीवन यापन करने वाले 70 वर्षीय मुसहर समुदाय के वृद्ध रिखई की बीमारी के चलते रविवार सुबह मौत हो गई। ग़रीबी और असहायता की हालत में परिवार के पास अंतिम संस्कार के लिए भी साधन नहीं थे। ऐसे में नगर पंचायत जहांगीरगंज के वरिष्ठ सभासद बालगोविंद त्रिपाठी ने मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए न केवल मृतक के अंतिम संस्कार की पूरी जिम्मेदारी उठाई, बल्कि उनके परिजनों को ढांढस बंधाया और हर संभव सहायता का आश्वासन भी दिया।
बताते चलें कि दिवंगत रिखई लंबे समय से बीमार चल रहे थे। बीमारी के दौरान भी बालगोविंद त्रिपाठी ने कई बार आर्थिक मदद की थी। जैसे ही वृद्ध के निधन की सूचना मिली, त्रिपाठी तुरंत मौके पर पहुंचे और अंतिम संस्कार की समस्त व्यवस्था स्वयं की निगरानी में करवाई। उनके साथ सभासद शशिकांत दूबे और नरेन्द्रदेव भी मौजूद रहे। इन लोगों ने न केवल शव की अंत्येष्टि कराई, बल्कि शोक संतप्त परिवार की आर्थिक और मानसिक रूप से सहायता भी की।
स्थानीय लोगों ने इस कार्य के लिए बालगोविंद त्रिपाठी, शशिकांत दूबे और नरेन्द्रदेव की सराहना की। उनका कहना है कि इस तरह की सेवा भावना और सामाजिक उत्तरदायित्व की मिसाल समाज में बदलाव लाने के लिए प्रेरणास्रोत बनती है।
इस घटना ने यह साबित कर दिया कि इंसानियत और करुणा आज भी ज़िंदा है और सही समय पर मदद के लिए आगे आने वाले लोग समाज की रीढ़ होते हैं।
