आलापुर (अंबेडकर नगर)। विधानसभा क्षेत्र आलापुर के सिंघलपट्टी गांव में नौजवान भारत सभा और अनुराग ट्रस्ट द्वारा आयोजित चार दिवसीय 'बाल रचनात्मकता शिविर' का तीसरा दिन उत्साह, ऊर्जा और रचनात्मकता से परिपूर्ण रहा।
शिविर की शुरुआत सुबह व्यायाम सत्र से हुई, जिसमें बच्चों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया। इसके बाद बच्चों ने कबड्डी और खो-खो जैसे पारंपरिक खेलों में सहभागिता कर शारीरिक ऊर्जा और टीम भावना का प्रदर्शन किया।
अंधविश्वास पर विज्ञान की जीत
तीसरे दिन का मुख्य आकर्षण रहा विज्ञान पर आधारित सत्र, जिसमें बच्चों को विज्ञान प्रयोगों के माध्यम से अंधविश्वास, टोना-टोटका और जादू-टोने जैसी मान्यताओं के पीछे के वैज्ञानिक तथ्यों को समझाया गया। बच्चों ने न सिर्फ प्रयोगों को देखा बल्कि उनमें सक्रिय भागीदारी भी की। इस सत्र का उद्देश्य बच्चों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करना और तार्किक सोच को बढ़ावा देना था।
नाटक और गीतों की रिहर्सल
बच्चों ने दिन भर में नुक्कड़ नाटक और जनगीतों की रिहर्सल भी की, जिसमें सामाजिक मुद्दों को समझने और अभिव्यक्त करने की कोशिश नजर आई। बच्चों के प्रदर्शन में उनकी रचनात्मकता, आत्मविश्वास और सामाजिक चेतना की झलक दिखाई दी।
अंतिम दिन को लेकर उत्साह
नौजवान भारत सभा के मित्रसेन ने बताया कि कल शिविर का अंतिम दिन होगा, जिसमें बच्चों द्वारा तैयार किया गया सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया जाएगा। कार्यक्रम में नाटक, गीत, कविता और अन्य रचनात्मक प्रस्तुतियाँ शामिल रहेंगी।
इस अवसर पर मित्रसेन, बिंद्रेश, अविनाश, जय, प्रियांशु, हर्ष सहित कई कार्यकर्ता और स्वयंसेवक मौजूद रहे, जिन्होंने बच्चों को मार्गदर्शन दिया और शिविर को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाई।
'बाल रचनात्मकता शिविर' बच्चों के भीतर नयी सोच, आत्मबल और सामाजिक चेतना जगाने का माध्यम बन रहा है, जिससे ग्रामीण क्षेत्र के नन्हें प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का मंच मिल रहा है।
