बिजली विभाग में फर्जीवाड़े का आरोप, एस्टीमेट पोर्टल पर न होना बना संदेह का कारण

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Allegations-of-fraud-in-the-electricity-department-absence-of-estimate-on-the-portal-became-a-cause-of-suspicion

लाइनमैन पर बिना एस्टीमेट पोल व तार लगाने का आरोप, उच्चस्तरीय जांच की उठी मांग

भीटी (अम्बेडकरनगर)। स्थानीय विद्युत उपखंड कार्यालय भीटी एक बार फिर कार्यप्रणाली को लेकर विवादों में घिरता नजर आ रहा है। मामला सामान्य योजना के अंतर्गत जारी एक विद्युत कनेक्शन (PTW 3HP संयोजन संख्या: 4018689312, दिनांक 09/05/2019) से जुड़ा है, जिसे लेकर विभाग की गंभीर लापरवाही और संभावित फर्जीवाड़े के आरोप सामने आए हैं।

शिकायतकर्ता के अनुसार, उक्त कनेक्शन के लिए आज तक कोई एस्टीमेट पोर्टल पर अपलोड नहीं किया गया, जबकि विभाग द्वारा खुद इसकी पुष्टि की जा चुकी है कि कनेक्शन वैध है। ऐसे में यह सवाल उठता है कि यदि कनेक्शन वैध है तो संबंधित एस्टीमेट विभागीय पोर्टल पर क्यों नहीं दिखाई दे रहा?

आरोपों के घेरे में लाइनमैन शंखप्रिय गौतम
इस पूरे प्रकरण में सबसे गंभीर आरोप लाइनमैन शंखप्रिय गौतम पर लगाए गए हैं। शिकायत में कहा गया है कि बिना एस्टीमेट बनाए ही संबंधित स्थल पर पोल और तार लगवा दिए गए, जो न केवल नियमों की अनदेखी है, बल्कि भ्रष्टाचार की ओर भी इशारा करता है।

शिकायतकर्ता का दावा है कि उन्होंने बार-बार यह मांग की कि जिस एस्टीमेट के आधार पर यह कार्य हुआ, उसकी प्रति पोर्टल पर अपलोड की जाए। लेकिन हर बार अधिकारियों द्वारा फर्जी निस्तारण कर मामले को दबाने की कोशिश की गई, जिससे विभागीय नियमानुसार कार्यप्रणाली पर संदेह गहराता जा रहा है।

मिलीभगत या प्रशासनिक चूक?
इस पूरे मामले को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि कहीं ऐसा तो नहीं कि एस्टीमेट कभी बनाया ही नहीं गया और विभागीय कर्मियों की मिलीभगत से बिना अनुमोदन कार्य कर दिया गया हो? या फिर यह केवल एक प्रशासनिक चूक है, जिसे छुपाने के लिए फर्जी निस्तारण किया जा रहा है?

जनता की मांग – हो निष्पक्ष जांच
स्थानीय जनता और शिकायतकर्ता ने ऊपर से लेकर नीचे तक इस मामले की निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि आरोप सही साबित होते हैं तो यह केवल प्रशासनिक लापरवाही नहीं बल्कि सरकारी योजनाओं और धन का खुला दुरुपयोग है, जिससे विभाग की छवि और विश्वसनीयता दोनों पर आंच आती है।

अब देखने वाली बात यह होगी कि विभाग लाइनमैन को बचाता है या दोषियों पर सख्त कार्यवाही करता है।

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