गन्ना किसानों ने जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन

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chini miles
अंबेडकरनगर। जनपद के गन्ना किसान गन्ना समस्या से काफी परेशान है जनपद के गन्ना किसानों का पेड़ी गन्ना पर्ची के अभाव में अभी तक नहीं बिक पाया जिसके कारण किसान पेड़ी वाले खेत में गेहूं नहीं बो पाए। जनपद के किसानों ने अपनी समस्याओं के संबंध में जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में माँग किया की जनपद में स्थित मिझौड़ा चीनी मील द्वारा बाहर जिलों का गन्ना मांगा कर पेरा जा रहा है। जिसके कारण जनपद के किसानो का गन्ना कम लिया जा रहा है।  मील कर्मचारी द्वारा मनमानी करके जो किसान वास्तव में अधिक गन्ना बोये हुए हैं, उनका सर्वे कम किया गया है जो नहीं बो हुए हैं या कम बोये हुए हैं उनका अधिक कर दिया गया है। जिसके कारण गन्ना बोये किसानों को पर्ची नहीं मिल पा रही है। मजबूरी में क्रेसर पर कम दाम पर गन्ना बेचना पड़ रहा है। जनपद के किसानों का चीनी मिल द्वारा गन्ना का बीज दिया गया था उसी बीच के पेड़ी या बोआई द्वारा तैयार गन्ना को मिल द्वारा रिजेक्ट कर दिया गया है। जिसके कारण रेट कम लगाया जा रहा है। पर्ची भी नहीं दिया जा रहा है, जबकि उसी गन्ने को मसौधा चीनी मिल का जनरल किस्म का गन्ना मान कर पूरे रेट पर ले रही है। मिल द्वारा गन्ना खरीद का जो कांटा लगाया गया है, उस पर कर्मचारियों की मिलीभगत से कांटे के लीवर पर एक ईंट या दो ईंट रखकर गन्ना तौल किया जाता है। जिस में ढाई क्विंटल से 5 कुंतल तक गन्ना घटतौली कर ली जाती है। मिल गेट पर ट्राली के साथ गन्ना तौल का लक्ष्य 80 कुंतल रखा गया है। यदि किसी ट्राली पर 50 किलो गन्ना भी अधिक आ गया तो उसे वापस कर दिया जाता है। ऐसी दशा में वापस किया हुआ गन्ना बर्बाद हो जाता है और किसान को काफी परेशानी होती है। तौल केन्द्र पर गन्ना किसान के तौले गन्ने काे ट्रक में लादने के नाम पर 150 से 200 रूपये ले लिया जाता है। जबकि इसकी जिम्मेदारी मील की है उसे रोका जाए। आदि समस्याओं को लेकर गन्ना किसानों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। 

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