अम्बेडकरनगर। उ0प्र0 राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ द्वारा प्रेषित प्लॉन आफ एक्शन 2018-19 के अनुपालन में अशोक कुमार सिंह, जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अम्बेडकरनगर के निर्देशानुसार दिनांक 08.08.2018 को 11.00 बजे से राजकीय इंटर कालेज, अकबरपुर अम्बेडकरनगर में बच्चों के अधिकार के संबन्ध में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया।
बच्चों के अधिकार विषय पर बोलते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अम्बेडकरनगर सचिव आलोक कुमार सिंह ने बताया कि बच्चों के मानवाधिकारों को बाल अधिकार कहते है। बच्चों को जीवन जीने का अधिकार, संरक्षण का अधिकार, सहभागिता का अधिकार, विकास का अधिकार तथा शिक्षा का अधिकार आदि है। सभ्य समाज के लोग बाल श्रम एवं बच्चों के अंगों का व्यापार करवाने हेतु बच्चों की तस्करी जैसा जघन्य पाप करते है जो मानव समाज के लिए बहुत बड़ा अभिशाप है। इस अभिशाप को हम और आप मिलकर रोक सकते है। इसे रोकने के लिए पुलिस द्वारा उत्तर प्रदेश में प्रत्येक जिले में बाल गुमशुदा केन्द्र (चाइल्ड मिसिंग सेल) की स्थापना की गयी है जो कि अपना कार्य काफी मुस्तैदी के साथ कर रहा है। सचिव ने बच्चों को सम्बोधित करते हुए कहा कि शिक्षा ही एक ऐसा माध्यम है जिसके द्वारा हमारी जिदंगी में बदलाव संभव है और शिक्षा के माध्यम से ही हर मंजिल प्राप्त की जा सकती है। उन्होंने बताया कि बाल तस्करी के बिंदु पर संवेदनशील व कुशलता से कार्य करने की जरूरत है, उन्होंने बाल तस्करी को रोकने व बच्चों के सर्वांगीण विकास को प्रोत्साहन देने पर जोर दिया गया। विशेष रूप से देह व्यापार के लिए बच्चों के तस्करी के आकड़ों को रेखांकित करते हुए ऐसे घिनौने कृत्य को रोकने में पुलिस की संवेदनशीलता एवं समाज से उनके जुड़ाव को बढ़ाने की अपेक्षा की गयी।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राजकीय इंटर कालेज के प्रधानाचार्य सुरेशलाल श्रीवास्तव, अम्बेडकरनगर ने बताया कि बच्चों के लिए सरकार द्वारा बहुत सारी योजनाएं चलायी जा रही है। उन्होंने बताया कि 6 साल से 14 साल के उम्र के बच्चों के लिए शिक्षा का अधिकार है। प्रत्येक बच्चे को शिक्षा पाने का अधिकार है। उन्होंने इस दलील को भी खारिज कर दिया कि बच्चा कमायेगा नहीं तो अपना और अपने परिवार का पेट कैसे भरेगा। उन्होंने बताया कि गरीब एवं मजदूर लोगों हेतु सरकार द्वारा बहुत ही कम कीमत पर गेंहू एवं चावल उपलब्ध कराया जाता है। उन्होंने लोगों को संबोधित करते हुए बताया कि बच्चों से श्रम न कराकर उन्हें स्कूल भेजना चाहिए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए चाइल्ड वेलफेयल कमेटी के अध्यक्ष अम्बेडकरनगर राजीव सिंह ने बताया कि मानव अंगों के व्यापार के लिए बच्चों की तस्करी की जाती है। उन्होंने बताया कि यदि किसी का बच्चा घर से गायब हो गया और तलाश करने पर नहीं मिला तो उसे तत्काल सम्बन्धित थाने पर सूचना देनी चाहिए। उन्होंने बताया कि बच्चों को किसी विषम परिस्थिति से बचने के लिए शासन द्वारा चलायी जा रहे नम्बर 1098 और लड़कियों के लिए 181 के बारे में बताया।
कार्यकम का संचालन करते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता रामचन्द्र वर्मा ने बताया कि बाल श्रम एवं उनके साथ घृणितम कृत्य के लिए नाजायज पैसे के लालच में दलाल बच्चों की तस्करी करके उन्हें विदेश भेजते है। उन्हें बंधुआ मजदूर बनाते है।
इस शिविर में सुमित्रा देवी, प्रधानाचार्या राजकीय बालिका इंटर कालेज, कुर्की बाजार, अकबरपुर, अनिल कुमार, रामर्तीथ वर्मा, अनिल कुमार सिंह, पंकज नायक लिपिक, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण राम अशीष यादव, विनय कुमार श्रीवास्तव, दुर्गावती, शूला वर्मा, प्रदीप तिवारी एवं अन्य कर्मचारीगण छात्र, छात्राए एवं मीडियाकर्मी आदि उपस्थित थे।
बच्चों के अधिकार विषय पर बोलते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अम्बेडकरनगर सचिव आलोक कुमार सिंह ने बताया कि बच्चों के मानवाधिकारों को बाल अधिकार कहते है। बच्चों को जीवन जीने का अधिकार, संरक्षण का अधिकार, सहभागिता का अधिकार, विकास का अधिकार तथा शिक्षा का अधिकार आदि है। सभ्य समाज के लोग बाल श्रम एवं बच्चों के अंगों का व्यापार करवाने हेतु बच्चों की तस्करी जैसा जघन्य पाप करते है जो मानव समाज के लिए बहुत बड़ा अभिशाप है। इस अभिशाप को हम और आप मिलकर रोक सकते है। इसे रोकने के लिए पुलिस द्वारा उत्तर प्रदेश में प्रत्येक जिले में बाल गुमशुदा केन्द्र (चाइल्ड मिसिंग सेल) की स्थापना की गयी है जो कि अपना कार्य काफी मुस्तैदी के साथ कर रहा है। सचिव ने बच्चों को सम्बोधित करते हुए कहा कि शिक्षा ही एक ऐसा माध्यम है जिसके द्वारा हमारी जिदंगी में बदलाव संभव है और शिक्षा के माध्यम से ही हर मंजिल प्राप्त की जा सकती है। उन्होंने बताया कि बाल तस्करी के बिंदु पर संवेदनशील व कुशलता से कार्य करने की जरूरत है, उन्होंने बाल तस्करी को रोकने व बच्चों के सर्वांगीण विकास को प्रोत्साहन देने पर जोर दिया गया। विशेष रूप से देह व्यापार के लिए बच्चों के तस्करी के आकड़ों को रेखांकित करते हुए ऐसे घिनौने कृत्य को रोकने में पुलिस की संवेदनशीलता एवं समाज से उनके जुड़ाव को बढ़ाने की अपेक्षा की गयी।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राजकीय इंटर कालेज के प्रधानाचार्य सुरेशलाल श्रीवास्तव, अम्बेडकरनगर ने बताया कि बच्चों के लिए सरकार द्वारा बहुत सारी योजनाएं चलायी जा रही है। उन्होंने बताया कि 6 साल से 14 साल के उम्र के बच्चों के लिए शिक्षा का अधिकार है। प्रत्येक बच्चे को शिक्षा पाने का अधिकार है। उन्होंने इस दलील को भी खारिज कर दिया कि बच्चा कमायेगा नहीं तो अपना और अपने परिवार का पेट कैसे भरेगा। उन्होंने बताया कि गरीब एवं मजदूर लोगों हेतु सरकार द्वारा बहुत ही कम कीमत पर गेंहू एवं चावल उपलब्ध कराया जाता है। उन्होंने लोगों को संबोधित करते हुए बताया कि बच्चों से श्रम न कराकर उन्हें स्कूल भेजना चाहिए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए चाइल्ड वेलफेयल कमेटी के अध्यक्ष अम्बेडकरनगर राजीव सिंह ने बताया कि मानव अंगों के व्यापार के लिए बच्चों की तस्करी की जाती है। उन्होंने बताया कि यदि किसी का बच्चा घर से गायब हो गया और तलाश करने पर नहीं मिला तो उसे तत्काल सम्बन्धित थाने पर सूचना देनी चाहिए। उन्होंने बताया कि बच्चों को किसी विषम परिस्थिति से बचने के लिए शासन द्वारा चलायी जा रहे नम्बर 1098 और लड़कियों के लिए 181 के बारे में बताया।
कार्यकम का संचालन करते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता रामचन्द्र वर्मा ने बताया कि बाल श्रम एवं उनके साथ घृणितम कृत्य के लिए नाजायज पैसे के लालच में दलाल बच्चों की तस्करी करके उन्हें विदेश भेजते है। उन्हें बंधुआ मजदूर बनाते है।
इस शिविर में सुमित्रा देवी, प्रधानाचार्या राजकीय बालिका इंटर कालेज, कुर्की बाजार, अकबरपुर, अनिल कुमार, रामर्तीथ वर्मा, अनिल कुमार सिंह, पंकज नायक लिपिक, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण राम अशीष यादव, विनय कुमार श्रीवास्तव, दुर्गावती, शूला वर्मा, प्रदीप तिवारी एवं अन्य कर्मचारीगण छात्र, छात्राए एवं मीडियाकर्मी आदि उपस्थित थे।
