बारगेनिंग विषय पर वीडियो कांफ्रेन्सिंग के माध्यम से विधिक साक्षरता शिविर का किया गया आयोजन

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अम्बेडकरनगर। उ0प्र0 राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ एवं डॉ० बब्बू सारंग, जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अम्बेडकरनगर के निर्देशानुसार जिला कारागार, अम्बेडकरनगर में, प्ली बारगेनिंग विषय पर, वीडियो कांफ्रेन्सिंग के माध्यम से प्रियंका सिंह, सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अम्बेडकरनगर द्वारा विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन एवं निरीक्षण, कोविड-19 महामारी को दृष्टिगत रखते हुए जारी दिशा-निर्देशों के अन्तर्गत किया गया। इस आनलाईन विधिक साक्षरता शिविर एवं निरीक्षण में जिला करागार अम्बेडकरनगर से राजेश कुमार उपकारापाल जिला कारागार अम्बेडकरनगर, द्वारा वीडियो कांफ्रेन्सिंग के माध्यम से उक्त शिविर एवं निरीक्षण में प्रतिभाग किया गया। शिविर को सम्बोधित करते हुये प्रियंका सिंह सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अम्बेडकरनगर ने प्ली बारगेनिंग विषय पर बोलते हुये कहा कि भारतीय संसद ने दण्ड प्रकिया संहिता में संशोधन अधिनियम 2/2006 द्वारा एक नया अध्याय 21(ए) (धारा 265-ए से 265-एल) प्ली बारगेनिंग नामक शीर्षक जोड़कर दांडिक अभियोजन व पीड़ित पक्ष आपसी सामंजस्य से प्रकरण के निपटारे हेतु न्यायालय के अनुमोदन से एक रास्ता निकालते हैं जिसके तहत अभियुक्त द्वारा अपराध स्वीकृति पर उसे हल्के दण्ड से दण्डित किया जाता है जो अन्यथा कठोर हो सकता है। प्ली बारगेनिंग समझौते का एक तरीका है। इसके तहत अभियुक्त कम सजा के बदले में अपने द्वारा किये गये अपराध को स्वीकार करके और पीड़ित व्यक्ति को हुये नुकसान और मुकदमें के दौरान हुये खर्चे की क्षतिपूर्ति करके कठोर सजा से बच सकता है। प्ली बारगेनिंग केवल उन अपराधों पर लागू होता है जिनके लिये कानून में सात वर्ष तक सजा का प्राविधान है। यदि अभियुक्त उसी अपराध में पूर्व में सिद्धदोष हुआ हो तो वह प्ली बारगेनिंग के लिये अयोग्य होगा। आवेदन प्राप्त होने के पश्चात न्यायालय लोक अभियोजक पीड़ित एवं अनुसंधानकर्ता अधिकारी को न्यायालय में उपस्थित रहने के लिये नोटिस जारी करेगा। न्यायालय उक्त पक्षों को आपसी संतोषजनक हल निकालने के लिये समय देगा। उक्त आनलाईन विधिक साक्षरता शिविर के दौरान सचिव महोदय द्वारा जिला कारागार अम्बेडकरनगर में निरूद्ध बन्दियों को कोविङ-19 महामारी के दृष्टिगत जानकारी दी गई व बताया गया कि इस महामारी से खुद को सुरक्षित रखने के लिए साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें, सोशल डिस्टेंसिग का पालन करें, भीड़ में बिना मास्क के न रहें, सैनेटाइजर का उपयोग अवश्य करें एवं अस्वस्थ महसूस होने पर तत्काल चिकित्सा प्राप्त करें। यदि किसी को किसी प्रकार की कोई समस्या हो तो जेल में नियुक्त जेल पराविधिक स्वयं सेवक के माध्यम से पत्राचार द्वारा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अम्बेडकरनगर से सहायता प्राप्त कर सकते हैं।


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