पटना। बिहार में नकली नोटों का प्रचलन तेजी से बढ़ रहा है, खासकर 500 रुपये के जाली नोटों की भरमार ने पुलिस और आम जनता को चिंतित कर दिया है। बिहार पुलिस महानिदेशक (DGP) ने इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए जनता को सतर्क रहने की अपील की है।
पुलिस ने दी चेतावनी
बिहार प्रदेश पुलिस मुख्यालय ने सभी रेंज के आईजी, डीआईजी, जिलों के डीएम, एसएसपी और एसपी को चिट्ठी लिखकर नकली नोटों की जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। पुलिस ने दुकानदारों और आम नागरिकों से 500 रुपये के नोटों की लेन-देन से पहले गंभीरता से जांच करने की अपील की है।
कैसे करें नकली नोट की पहचान
पुलिस के अनुसार, नकली 500 रुपये के नोट देखने में असली की तरह ही लगते हैं, लेकिन इनमें कुछ प्रमुख अंतर हैं:
- रिजर्व बैंक की लिखावट: नकली नोट में "Reserve Bank of India" की जगह "Resarve Bank of India" लिखा होता है।
- सिक्योरिटी फीचर: जाली नोटों में "Reserve Bank of India" के "E" की जगह "A" लिखा हुआ है।
- नोट का आकार और डिजाइन: असली नोट का आकार 66 मिमी x 150 मिमी होता है। असली नोट में महात्मा गांधी का चित्र केंद्र में होता है और "भारत" व "RBI" शिलालेखों के साथ कलर शिफ्ट विंडो सिक्योरिटी थ्रेड का रंग हरे से नीला बदलता है।
रिजर्व बैंक की गाइडलाइंस
भारतीय रिजर्व बैंक के मुताबिक, असली 500 रुपये के नोट में निम्न विशेषताएं होती हैं:
- नोट पर देवनागरी में मूल्यवर्ग "५00" अंकित होता है।
- महात्मा गांधी का चित्र और वाटरमार्क नोट पर स्पष्ट दिखाई देता है।
- स्वच्छ भारत का लोगो और स्लोगन अंकित होता है।
- नोट के दाहिनी ओर अशोक स्तंभ का प्रतीक और छपाई का वर्ष अंकित होता है।
पुलिस ने की अपील
बिहार पुलिस ने जनता से अपील की है कि नकली नोटों को लेकर सतर्क रहें और 500 रुपये के नोट को लेने से पहले उसकी जांच जरूर करें। नकली नोट की पहचान में बताए गए अंतर का ध्यान रखें और किसी संदिग्ध नोट के मिलने पर तुरंत पुलिस को सूचित करें।
नकली नोटों के खतरे से बचाव का संदेश
बिहार पुलिस ने लोगों से इस जानकारी को अधिक से अधिक साझा करने और जागरूकता फैलाने की अपील की है। यह सतर्कता न केवल उन्हें आर्थिक नुकसान से बचाएगी बल्कि नकली नोटों के प्रचलन पर भी रोक लगाएगी।

