अयोध्या। श्रीरामलला के दर्शन के लिए महाराष्ट्र के नागपुर से आए श्रद्धालु विवेक राखे अपने परिवार के साथ 27 जनवरी को अयोध्या पहुंचे थे। दर्शन के बाद जब वे अपने ठहरने के स्थान पर लौटने लगे, तो उन्हें गेस्ट हाउस का नाम और स्थान याद नहीं रहा। उनके पास वहां का कोई संपर्क नंबर भी नहीं था, जिससे वे काफी परेशान हो गए।
रातभर तलाश के बाद पहुंचे लक्ष्मण घाट पुलिस चौकी
कई घंटे तक इधर-उधर भटकने के बाद, रात करीब 11 बजे विवेक राखे और उनका परिवार लक्ष्मण घाट पुलिस चौकी पहुंचे, जहां सिपाही नीतेश कुमार ड्यूटी पर तैनात थे। स्थिति को गंभीरता से लेते हुए नीतेश कुमार ने तुरंत चौकी प्रभारी जय किशोर अवस्थी को सूचना दी।
मोबाइल लोकेशन से मिला सही पता
परिवार के पास गेस्ट हाउस में रखा एक मोबाइल फोन था। चौकी प्रभारी जय किशोर अवस्थी ने पुलिस की सर्विलांस टीम की मदद से उस मोबाइल की लोकेशन ट्रैक कराई।
अयोध्या पुलिस ने यूं की त्वरित कार्रवाई
- प्राप्त लोकेशन के आधार पर चौकी प्रभारी जय किशोर अवस्थी ने एक व्यक्ति को अपनी बाइक पर बैठाया और गेस्ट हाउस की तलाश में निकल पड़े।
- करीब 1.5 किलोमीटर दूर रामकोट के आगे स्थित एक गेस्ट हाउस में उनके ठहरने का पता चल गया।
- पुलिस ने एक रिक्शा की व्यवस्था कर परिवार को सुरक्षित गेस्ट हाउस तक पहुंचाया।
श्रद्धालुओं ने अयोध्या पुलिस का जताया आभार
गेस्ट हाउस पहुंचने के बाद विवेक राखे और उनके परिवार ने अयोध्या पुलिस का हृदय से धन्यवाद किया। विशेष रूप से चौकी प्रभारी जय किशोर अवस्थी और उनकी टीम की तत्परता और सतर्कता की सराहना की।
अयोध्या पुलिस की इस त्वरित सहायता और संवेदनशीलता ने श्रद्धालुओं के दिलों में सुरक्षा और भरोसे की भावना को और मजबूत कर दिया।
