अंबेडकरनगर। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) योजना के तहत जिले में ग्रामीण रोजगार सृजन की दिशा में उल्लेखनीय कार्य हो रहा है। योजना के अंतर्गत प्रत्येक जॉबकार्ड धारक परिवार को एक वित्तीय वर्ष में अधिकतम 100 दिन का रोजगार प्रदान करने का प्रावधान है।
रोजगार सृजन में प्रगति:
वित्तीय वर्ष 2024-25 में, 31 दिसंबर 2024 तक कुल 8,898 श्रमिकों ने 81 से 99 दिन का कार्य पूरा किया है, जबकि 2,984 श्रमिक 100 दिन का रोजगार प्राप्त कर चुके हैं। योजना के तहत अकुशल श्रमिकों को प्रतिदिन ₹237 की मजदूरी दी जाती है। मनरेगा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और पलायन रोकने में प्रभावी साबित हो रही है।
100 दिन रोजगार सुनिश्चित करने के निर्देश:
जिन श्रमिकों ने 81 से 99 दिन का कार्य पूरा कर लिया है, उन्हें 100 दिन का रोजगार पूरा करने के लिए संबंधित ब्लॉक अधिकारियों को निर्देशित किया गया है।
मिशन उन्नति: स्थायी रोजगार की दिशा में कदम
जिले में 'मिशन उन्नति' के तहत 100 दिन का रोजगार प्राप्त करने वाले 18-45 आयु वर्ग के श्रमिकों या उनके परिवार के जॉबकार्ड धारकों को प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। इसका उद्देश्य उन्हें स्थायी रोजगार के लिए सक्षम बनाना है।
प्रशिक्षण की विशेषताएं:
प्रशिक्षण आरसेटी के माध्यम से दिया जाता है, जिसमें श्रमिकों को 10 पाठ्यक्रमों में प्रशिक्षित किया जा रहा है:
- पापड़, अचार और मसाला उद्योग
- आर्टिफिशियल ज्वैलरी निर्माण
- मशरूम की खेती
- मोमबत्ती निर्माण
- डेयरी फार्मिंग और वर्मी कंपोस्ट
- जूट उत्पाद निर्माण
- फास्ट फूड निर्माण
- अगरबत्ती और पेपर कवर लिफाफा निर्माण
- फाइल निर्माण
- सॉफ्ट टॉयज निर्माण
प्रशिक्षण अवधि के दौरान श्रमिकों को ₹237 प्रतिदिन का भुगतान किया जाएगा। वर्तमान वित्तीय वर्ष में 200 श्रमिकों को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य है। इच्छुक श्रमिक अपने संबंधित ब्लॉक कार्यालय में जाकर प्रशिक्षण के लिए पंजीकरण करा सकते हैं।
यह योजना न केवल ग्रामीणों को रोजगार प्रदान कर रही है, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनाने और उनके जीवन स्तर को बेहतर करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
