आलापुर (अंबेडकर नगर)।
नौजवान भारत सभा और अनुराग ट्रस्ट के तत्वावधान में सिंघलपट्टी में आयोजित चार दिवसीय ग्रीष्मकालीन बाल रचनात्मकता शिविर का समापन सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ हुआ। शिविर का अंतिम दिन बच्चों, अभिभावकों और क्षेत्रीय नागरिकों के लिए प्रेरणास्रोत और संवाद का माध्यम बना।
बच्चों ने प्रस्तुत किए क्रांतिकारी गीत और नुक्कड़ नाटक
शिविर के समापन अवसर पर बच्चों ने 'देश को आगे बढ़ाओ' नामक नुक्कड़ नाटक और क्रांतिकारी गीत प्रस्तुत किए, जिसे उपस्थित दर्शकों ने खूब सराहा। बच्चों के अंदर आत्मविश्वास, सामाजिक जागरूकता और रचनात्मकता की झलक साफ़ दिखाई दी।
बच्चों ने रखे अपने विचार, बताया कैसा हो उनका समाज
शिविर में शामिल बच्चों ने अपने परिचय के साथ-साथ समाज में ज़रूरी बदलावों की मांग भी रखी। बच्चों की बातें जैसे — पक्की गली, पीने लायक पानी, कूड़े की गाड़ी, पार्क, प्रदूषण कम हो, लड़कियों की स्वतंत्रता, सामाजिक भेदभाव की समाप्ति और सांप्रदायिक सौहार्द्र — ने अभिभावकों और आयोजकों को भावुक और प्रेरित कर दिया।
कक्षा 8 की छात्रा मानसून ने सावित्रीबाई फुले और फातिमा शेख के संघर्ष को याद करते हुए शिक्षा के अधिकार पर बल दिया, जबकि वंदना ने बच्चों द्वारा बनाए गए चित्रों की प्रदर्शनी के माध्यम से मनुष्य और कला के रिश्ते को रेखांकित किया।
विज्ञान, पर्यावरण और समाज की चर्चा
“भविष्य को बचाने के लिए बच्चों को बचाना और उन्हें अच्छी शिक्षा देना सबसे ज़रूरी है।”
अभिभावकों ने की सराहना, जताई चिंता भी
संगठन की अपील
शिविर में 130 से अधिक बच्चों की भागीदारी
02 जून से शुरू हुए इस शिविर में लगभग 130 बच्चों ने हिस्सा लिया। शिविर में व्यायाम, खेलकूद, नाटक, विज्ञान, पर्यावरण, सामूहिकता, और सामाजिक संवाद जैसे विषयों पर बच्चों को प्रशिक्षित किया गया।
शिविर का यह आयोजन न केवल शिक्षात्मक और रचनात्मक प्रयास था, बल्कि समाज में एक संवेदनशील, जागरूक और बेहतर नागरिक निर्माण की दिशा में एक सार्थक कदम भी साबित हुआ।
