आलापुर (अंबेडकर नगर)। गांधी स्मारक इंटर कॉलेज, राजेसुल्तानपुर के प्रधानाचार्य कप्तान सिंह को शिक्षा एवं समाजसेवा के क्षेत्र में उनके अनुकरणीय योगदान के लिए पंडित दीनदयाल उपाध्याय राष्ट्रीय हिंदी विद्यापीठ, मथुरा द्वारा "विद्यावाचस्पति" (डॉक्टरेट) की मानद उपाधि से सम्मानित किया गया। इस उपलब्धि पर विद्यालय प्रांगण में एक भव्य नागरिक अभिनंदन समारोह का आयोजन कर उन्हें सम्मानित किया गया।
समारोह की अध्यक्षता कॉलेज के प्रबंधक श्री सर्वेंद्र वीर विक्रम सिंह ने की, वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ, उत्तर प्रदेश के मंडलीय अध्यक्ष डॉ. उदयराज मिश्र उपस्थित रहे।
प्रबंधक श्री सिंह ने अपने उद्बोधन में कहा कि "प्रधानाचार्य कप्तान सिंह शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक चेतना, राष्ट्रोत्थान एवं जनजागरूकता के क्षेत्र में सदैव अग्रणी रहे हैं। यह उपाधि न केवल उनके लिए बल्कि पूरे विद्यालय एवं जनपद के लिए गर्व का विषय है।"
महासंघ के मंडलीय अध्यक्ष डॉ. उदयराज मिश्र ने कहा कि "डॉ. कप्तान सिंह जैसे शिक्षाविद समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उनकी पहचान केवल एक प्रधानाचार्य के रूप में नहीं, बल्कि एक जनचिंतक, समाजसेवी और कर्मशील व्यक्तित्व के रूप में भी स्थापित है।"
इस दौरान विद्यालय परिवार की ओर से अंगवस्त्र, मेडल और प्रमाणपत्र भेंट कर डॉ. कप्तान सिंह को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में विद्यालय के प्रवक्ता डॉ. संतोष कुमार सिंह, राघवेंद्र कुमार, महासंघ के जिला उपाध्यक्ष राजेश मिश्र, अमरनाथ पांडेय, शिक्षकगण श्यामकेतु सिंह, शक्ति सिंह, सुधीर शुक्ल, पंकज कुमार, सुनील कुमार, कैप्टन मंजू सिंह, रीना सिंह, नीतू सिंह सहित अनेक शिक्षकों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हुए कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई।
इस अवसर पर तेंदुआईकला के शशि मौली तिवारी तथा भरतपुर के राम सेवक पांडेय समेत अनेक माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षक, संघ पदाधिकारी एवं गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
कार्यक्रम के अंत में प्रधानाचार्य डॉ. कप्तान सिंह ने सभी अतिथियों एवं सहयोगियों के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि "यह सम्मान मेरे लिए नहीं, बल्कि उस विचारधारा के लिए है जो शिक्षा को समाज परिवर्तन का माध्यम मानती है।"
